पथरी। गंगे मां में शिविर का गंदा पानी ना जाए इस वजह से केंद्र सरकार द्वारा मां गंगा को प्रदूषण मुक्त करने के लिए 23 करोड रुपए की लागत से एक नाले का निर्माण किया गया था।
- इस नाले में गंगा प्रदूषण ट्रीटमेंट प्लांट के द्वारा पानी छोड़ा भी नहीं गया यह जगह जगह से टूट गया लेकिन बड़े आश्चर्य की बात है इस नाले की मरम्मत के लिए बार-बार किसान आवाज उठा रहे हैं लेकिन किसी भी अधिकारी के कान पर जूं तक नहीं रेंग रही हैं इस नाला निर्माण होने से मां गंगा को प्रदूषण मुक्त हो ही रही थी इसका लाभ किसानों को भी मिल रहा था क्योंकि यह नाला जगजीतपुर से रानीमाजरा गांव तक बना था इस नाले के बनने से किसानों में खुशी थी क्योंकि ग्रामीण क्षेत्रों में लाइट की समस्या भी काफी रहती है किसानों को एक आशा जगी थी कि अब हमारे सामने पानी की कोई भी समस्या नहीं रहेगी हमारी फसलें भी अच्छी होंगी देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा इस नाले का शिलान्यास भी किया गया था यह नाला कटारपुर गांव की पंचायत में दो-तीन जगहों से टूटा हुआ है किसानों के लिए सिंचाई विभाग के द्वारा सिचाई के लिए खेतो में नालियां बना कर दी गई थी उन नालियों में भी ठेकेदार के द्वारा सही सामग्री ना लगने की वजह से टूट गई। नूतन प्रधान ने कहा कि प्रधानमंत्री ने बोला था की मां गंगा ने बुलाया है मां गंगा का बेटा हूं और मेने मां गंगा को स्वच्छ करने का प्रण लिया था लेकिन उत्तराखंड सरकार के कुछ मंत्री कुछ अधिकारी इतने भ्रष्ट हैं कि उन्होंने मां गंगा को भी नहीं बख्शा अभी शहर का गंदा पानी मां गंगा में डाला जा रहा है क्योंकि 23 करोड रुपए की लागत से बनने वाला नाला तो भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ चुका है इसीलिए मां गंगा का श्राप है कोई भी मुख्यमंत्री अपना 5 वर्ष का कार्यकाल पूरा नहीं कर पाए अभी तक उत्तराखंड में सिर्फ और सिर्फ एक ही मुख्यमंत्री अपना 5 वर्ष का कार्यकाल कर पाया है पूर्व मुख्यमंत्री एनडी तिवारी ने अपना पूरा 5 वर्ष का कार्यकाल पूरा किया था और जितना विकास उनके कार्यकाल में हुआ है अब शायद कोई भी मुख्यमंत्री इतना विकास कार्य ना करा पाए क्योंकि सभी को कुर्सी से प्यार है बेरोजगार युवाओं से ना किसानों से कोई सरोकार ही नहीं है उन्हें तो सिर्फ और सिर्फ अपनी कुर्सी देखनी है प्रदेश में जो हो ईश्वर आधीन है जिस समय इस नाले का निर्माण हो रहा था किसानों को एक आस जगी थी कि अब उनकी फसलें बहुत अच्छी होंगी क्योंकि कुछ क्षेत्र ऐसा है जिसमें पानी की काफी समस्या है सभी किसानों के पास अपने बिजली के बोरिंग नहीं है उन किसानों को काफी खुशी थी जब तक उत्तराखंड सरकार का मुख्यमंत्री चाहे वह किसी भी पार्टी का हो मां गंगा को स्वच्छ करने का निर्णय नहीं लेगा तब तक वह अपना कार्यकाल 5 साल का पूरा नहीं करते क्योंकि मां गंगा का शराब है इसीलिए राज्य सरकार को चाहिए की जल्द से जल्द इस नाले की मरम्मत कराई जाए और जो भी दोषी अधिकारी भ्रष्टाचार में लिख पाया जाता है योगी सरकार की तरह उसकी संपत्ति से इस पैसे की भरपाई हो तभी हमारे प्रदेश का भला होगा किसानों का भला होगा एक और केंद्र सरकार के द्वारा अच्छी-अच्छी योजना चलाई जाती हैं लेकिन दुख की बात है जिस प्रकार से प्रधानमंत्री पूरे देश को एक साथ लेकर चले सभी के लिए योजना बनाते हैं और वह योजना धरातल पर नहीं पहुंचती है तो उसमें कुछ ना कुछ अधिकारियों की मिलीभगत से वह भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ जाती है।
