हरिद्वार। रविवार को पूर्व स्नातक परिषद् भगवानदास आदर्श संस्कृत महाविद्यालय द्वारा प्राचार्य डा. निरंजन मिश्रा की गिरफ्तारी के विरोध मैं पुलिस प्रशासन हरिद्वार व महन्त श्री रूपेन्द्र प्रकाश अवधूत मण्डल आश्रम में हवन का आयोजन किया गया जिसमें पंचपुरी के अनेक संस्कृत विद्यालय व महाविद्यालय के छात्रों ने भाग लिया।
भगवानदास आदर्श संस्कृत महाविद्यालय के अध्यक्ष देवेश पन्त ने कहा कि महन्त रूपेन्द्र प्रकाश अवधूत मण्डल आश्रम ने महाविद्यालय को खुर्द बुर्द नष्ट करने की बदनीयत से पुलिस प्रशासन के साथ मिलकर एक षडयन्त्र के तहत महाविद्यालय के प्राचार्य डा. निरंजन मिश्रा को गिरफ्तार करवाया है, पुलिस प्राचार्य को उनके कार्यालय से उठाकर ले गई जबकि एफ आई आर में उनका नाम तक नहीं है ओर न ही किसी प्रकार की कोई लिखित सूचना दी गई है।
महाविद्यालय परिषद् के उपाध्यक्ष सौरभ जोशी ने कहा की सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार कोई भी व्यक्ति जो प्रबल आपराधिक पृष्ठभूमि का ना हो तो कोरोना काल मैं पुलिस प्रशासन द्वारा गिरफ्तार नहीं किया जा सकता है
महामंत्री पंकज कुमार जोशी ने मांग करते हुए कहा की राज्य सरकार व केंद्र सरकार इस मामले की निष्पक्ष जांच कराये एवं दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्यवाही करे।
कोषाध्यक्ष कृष्णाकान्त ने कहा की डॉ निरंजन मिश्रा को सम्मान स्वरूप जेल से रिहा किया जाए अन्यथा यह उग्र आंदोलन का रूप ले सकता है
उदासीन संस्कृत महाविद्यालय के प्राध्यापक सागर झा ने कहा डॉ निरंजन मिश्रा के पढाये हुए सैकडों छात्र देश के विभिन्न स्थानों पर सेवा दे रहे है
केशव बलियानी जिलाध्यक्ष उत्तराखंड विद्यालय प्रबन्धकीय शिक्षक संघ ने कहा कि प्राचार्य डा. निरंजन मिश्रा इस कोरोना काल मैं भी आनलाईन छात्रों को शिक्षा प्रदान कर रहे थे।
इस मौके पर आकाश भट्ट, कमल गहतोड़ी,मोहित उनियाल,दीपक पांडे,विक्रम भट्ट,ज्योति चौधरी,विपुल ध्यानी,रवि उनियाल,सतीश पनेरु,पवन जोशी नवीन प्रसाद,आदि छात्र छात्राएं उपस्थित रहें।
