हरिद्वार। भगवानदास आदर्श संस्कृत महाविद्यालय के प्राचार्य डाँ. निरंजन मिश्रा की गिरफ्तारी के विरोध में धरना प्रदर्शन किया गया।
धरने में उपस्थित सभी लोगों ने महाविद्यालय को बचाने हेतु भवन के बाहर मानव श्रृंखला बनाई, धरना स्थल पर डाँ. निरंजन मिश्रा के साहित्य की प्रदर्शनी लगाई गयी। डाँ. मिश्रा के द्वारा अब तक लगभग दो दर्जन पुस्तकों का प्रणयन किया जा चुका है। जिनमें अनेक महाकाव्य भी है। डाँ. निरंजन मिश्रा द्वारा विरचित पुस्तकों के नाम इस प्रकार से हैं.गंगापुत्रावदानम् , ग्रन्थिबन्धनम्,दामिनी, केदारघाटी विधवा बभूव, रमणीयादपि रमणीयम्, चित्रलेखा ,अनबूझ पहेली , आमोद तरङ्गिणी , काव्यमाला ,अथ ग्रामशतकम्।
इस अवसर पर मुकुल पाण्डे, नरेश पोखरियाल, लक्ष्मण रिजाल, सुनील गहतोड़ी,लक्ष्मण कुकरेती, दीक्षित दुर्गापाल, ज्योति चौधरी, सौरभ जोशी, आशीष जोशी, सतीश पनेरू,नवीन प्रसाद, दीपक पाण्डे, दीपक सेमवाल, कमल गहतोड़ी, आदि उपस्थित रहे।
