हरिद्वार। 27 जुलाई मंगलवार को ऊर्जा निगम के अधिकारी व कर्मचारियों ने अपनी 14 सूत्रीय मांगो को लेकर दो दिवसीय हड़ताल की।
बिजली विभाग के कर्मचारी बहादराबाद स्थित पावर हाउस और सब स्टेशन पर दरी बिछा कर हड़ताल पर बैठ गए हैं साथ ही पूरे ग्रामीण क्षेत्र कि बिजली को पूण रूप से बंद कर दिया गया हैं हड़ताल करना कर्मचारियो का मौलिक अधिकार है लेकिन बिजली को बन्द करना तो जनता को परेशान करना है। उच्च न्यायालय का कथन है कि विरोध करने का दूसरा राश्ता है कि आप हाथ पर काली पट्टी बांध कर विरोध करे बिजली काट कर जनता को परेशान करना किसी भी स्थित में उचित नहीं है l लेकिन कर्मचारियों को जनता कि परेशानी से कोई मतलब नहीं है l
उच्च न्यायालय के आदेशानुसार बिजली जनता का मौलिक अधिकार है और इसको काटने का अधिकार किसी को नहीं है । अपने निजी हितों के लिए बिजली सप्लाई बाधित करने का अधिकार किसी को नहीं है । आप काली पट्टी बांध कर भी विरोध कर सकते हैं । अन्यथा ये जनता भी जानती है कि वैसे भी बिजली कि रीडिंग लेनी हो या लाइन कि मरम्मत का काम तो वैसे भी ठेकेदार के आदमी ही करते हैं आपको 50 हजार देने की जगह यही 15 हजार में काम कर सकते है आपको अपने हित के लिए आप जनता को परेशान नहीं कर सकते।
हड़ताल में वीरेन्द सिंह बोहरा, प्रवीण कुमार, अस्कार खान, राजेश कुमार, नवीन शर्मा, राजबीर सिंह, हरीश शर्मा, साचुन कुमार, राजेंद्र कौशिक, सुरेश चंद, बसंत सिंह, गुलफाम, रहना खातून, संजूव कुमार कश्यप, हरीश कुमार, रविकांत भटनागर, रवीश कुमार, मयंक गुप्ता, देवेश कुमार, अजय तिवारी, पूर्ण सिंह, बिजेंद्र कुमार आदि शामिल रहे l
