साइबर ठगी के ₹50,000 वापस दिलाकर हरिद्वार पुलिस ने जगाई उम्मीद। SSP नवनीत सिंह के नेतृत्व में मुरझाये चेहरों पर मुस्कान लाती हरिद्वार पुलिस।

साइबर ठगी के ₹50,000 वापस दिलाकर हरिद्वार पुलिस ने जगाई उम्मीद।

SSP नवनीत सिंह के नेतृत्व में मुरझाये चेहरों पर मुस्कान लाती हरिद्वार पुलिस।

जनवरी माह में फैक्ट्री में कार्यरत के

साइबर ठगी के ₹50,000 वापस दिलाकर हरिद्वार पुलिस ने जगाई उम्मीद।

SSP नवनीत सिंह के नेतृत्व में मुरझाये चेहरों पर मुस्कान लाती हरिद्वार पुलिस।

जनवरी माह में फैक्ट्री में कार्यरत के साथ PF चालान प्रेषित करने के बाद ₹50,000 का ऑनलाइन फ्रॉड हुआ।

पीड़ित ने तुरंत कोतवाली मंगलौर को सूचित किया कांस्टेबल ज़फ़र द्वारा तुरंत पत्राचार करते हुए अकाउंट कराया गया फ्रिज।

समय रहते त्वरित कार्रवाई से लौटे 50 हज़ार रुपये

पंकज कुमार पुत्र मेघराज निवासी सहारनपुर, जो कोतवाली मंगलौर क्षेत्र की एक फैक्ट्री में कार्यरत हैं, के साथ पीएफ चालान प्रेषित करने के बाद ₹50,000 का ऑनलाइन फ्रॉड हुआ।

सूचना मिलते ही थाने में नियुक्त कांस्टेबल जफर हुसैन द्वारा संबंधित बैंक/एजेंसी से तत्काल पत्राचार कर संदिग्ध खाते को पूरी ₹50,000 की धनराशि पीड़ित को वापस दिलाई गई।

पैसे वापस मिलने पर पीड़ित ने उत्तराखंड पुलिस का आभार व्यक्त किया।

सभी को हरिद्वार पुलिस का संदेश है कि किसी भी अनचाहे लिंक पर क्लिक न करें।

ऑनलाइन प्रलोभन, लॉटरी या अनजाने कॉल के झांसे में न आएं।

यदि साइबर ठगी का शिकार हो जाएं तो तत्काल 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं।

साथ PF चालान प्रेषित करने के बाद ₹50,000 का ऑनलाइन फ्रॉड हुआ।

पीड़ित ने तुरंत कोतवाली मंगलौर को सूचित किया कांस्टेबल ज़फ़र द्वारा तुरंत पत्राचार करते हुए अकाउंट कराया गया फ्रिज।

समय रहते त्वरित कार्रवाई से लौटे 50 हज़ार रुपये

 पंकज कुमार पुत्र मेघराज निवासी सहारनपुर, जो कोतवाली मंगलौर क्षेत्र की एक फैक्ट्री में कार्यरत हैं, के साथ पीएफ चालान प्रेषित करने के बाद ₹50,000 का ऑनलाइन फ्रॉड हुआ।

सूचना मिलते ही थाने में नियुक्त कांस्टेबल जफर हुसैन द्वारा संबंधित बैंक/एजेंसी से तत्काल पत्राचार कर संदिग्ध खाते को पूरी ₹50,000 की धनराशि पीड़ित को वापस दिलाई गई।

पैसे वापस मिलने पर पीड़ित ने उत्तराखंड पुलिस का आभार व्यक्त किया।

सभी को हरिद्वार पुलिस का संदेश है कि किसी भी अनचाहे लिंक पर क्लिक न करें।

ऑनलाइन प्रलोभन, लॉटरी या अनजाने कॉल के झांसे में न आएं।

यदि साइबर ठगी का शिकार हो जाएं तो तत्काल 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं।

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