हरिद्वार सतपाल महाराज मंत्री पर्यटन, धर्मस्व, संस्कृति, सिंचाई, लोक निर्माण, पंचायती राज, ग्रामीण निर्माण की अध्यक्षता में शुक्रवार को मेला नियंत्रण भवन(सी0सी0आर0) में आगामी 04 जुलाई से प्रारम्भ होने वाले कांवड़ यात्रा-2023 की तैयारियों के सम्बन्ध में समीक्षा बैठक आयोजित हुई ,

हरिद्वार सतपाल महाराज मंत्री पर्यटन, धर्मस्व, संस्कृति, सिंचाई, लोक निर्माण, पंचायती राज, ग्रामीण निर्माण की अध्यक्षता में शुक्रवार को मेला नियंत्रण भवन(सी0सी0आर0) में आगामी 04 जुलाई से प्रारम्भ होने वाले कांवड़ यात्रा-2023 की तैयारियों के सम्बन्ध में समीक्षा बैठक आयोजित हुई ,

बैठक में एसडीएम पूरण सिंह राणा ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से कांवड़ यात्रा का इतिहास, कांवड़ यात्रा की समयावधि, विभिन्न राज्यों से आने वाले कांवड़ियों का क्या अनुपात है, वर्ष 2002 से अब तक कितने कांवड़िये पवित्र गंगाजल लेने आये, कावंड़ यात्रा के क्या-क्या नियम रहेंगे, कांवड़ मार्गों का विवरण, वैकल्पिक मार्गों का विवरण, कांवड़ यात्रा की क्या-क्या चुनौतियां हैं, रोड़ीबेलवाला, बैरागी कैम्प सहित पार्कों में की गयी व्यवस्था, कावंड़ यात्रा के सफल संचालन के लिये नोडल अधिकारियों की नियुक्ति, सरकारी तथा गैर सरकारी प्रमुख स्टेक होल्डर, कांवड़ यात्रियों की सुविधा हेतु प्रशासन की व्यवस्था, कांवड़ मेले की दृष्टि से स्वास्थ्य, नगर निगम आदि विभागों द्वारा की जा रही तैयारियां आदि के सम्बन्ध में विस्तृत जानकारी दी।
कैबिनेट मंत्री ने बैठक में अधिकारियों से कहा कि ईश्वर ने उन्हें कांवड़ मेले के निमित्त लोगों की सेवा करने का मौका दिया है। इसलिये वे अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान देते हुये कांवड़ मेले को सकुशल सम्पन्न करायें। उन्होंनें अधिकारियों को निर्देश दिये कि कांवड़ यात्रा का अब तक का जो इतिहास रहा है, उसका आम जन मानस में व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाये। उन्होंने अधिकारियों से इस वर्ष की कांवड़ यात्रा में आने वाले श्रद्धालुओं के सम्बन्ध मे जानकारी ली तो अधिकारियों ने बताया कि हर वर्ष इसमें इजाफा हो रहा है, उसी को देखते हुये इस वर्ष पांच करोड़ श्रद्धालुओं के आने की संभावना है।
कांवड़ मेले के संचालन के लिये बनाई गयी व्यवस्था के सम्बन्ध में कैबिनेट मंत्री द्वारा पूछे जाने पर अधिकारियों ने बताया कि कांवड़ मेले को 12 सुपर जोन, 32 जोन तथा 119 सेक्टरों में बांटा गया है, जिसके पूरे संचालन के लिये पांच नोडल अधिकारी नामित किये गये हैं। इस पर कैबिनेट मंत्री ने निर्देश दिये कि कांवड़ यात्रा संचालन के लिये जितने भी अधिकारियों की तैनाती की गयी है, उनके मोबाइल नम्बरों का भी प्रचार-प्रसार किया जाये ताकि जरूरत पड़ने पर उनसे सम्पर्क किया जा सके। सतपाल महाराज ने बैठक में बताया कि प्रतिमाह कोई न कोई तीज, त्योहार तथा मेले आयोजित होते रहते हैं, जिसके लिये सरकार भविष्य में एक मेला प्राधिकरण के गठन पर विचार कर रही है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिये कि कांवड़ यात्रा की प्रमुख तिथियों के दौरान श्रद्धालुओं पर हेलीकाप्टर से पुष्प वर्षा की जाये।
इस अवसर पर जिलाधिकारी धीराज सिंह गर्ब्याल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह, मुख्य विकास अधिकारी प्रतीक जैन, अपर जिलाधिकारी बीर सिंह बुदियाल, संयुक्त मजिस्ट्रेट रूड़की अभिनव शाह, सिटी मजिस्ट्रेट सुश्री नूपुर वर्मा, एस0पी0 सिटी स्वतंत्र कुमार सिंह, एसपी ट्रैफिक सुश्री रेखा यादव, एमएनए रूड़की/एसडीएम लक्सर विजयनाथ शुक्ल, डीएफओ नीरज शर्मा, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ0 मनीष दत्त, भाजपा जिला अध्यक्ष संदीप गोयल, भाजपा जिला उपाध्यक्ष लव शर्मा, अधिशासी अभियन्ता लोक निर्माण, सुरेश तोमर, अधिशासी अभियन्ता जल संस्थान मदन सेन, ईई विद्युत एस.एस.उसमान, रेडक्रास सचिव डॉ0 नरेश चौधरी, एआरटीओ सुश्री रश्मि पन्त, आपदा प्रबन्धन अधिकारी सुश्री मीरा रावत, पर्यटन अधिकारी सुरेश सिंह यादव, पंचायती राज से महेश कुमार विश्नोई, सिंचाई सहित सम्बन्धित पदाधिकारी/अधिकारीगण उपस्थित थे।

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