राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) कार्यान्वयन के तीन वर्षों की प्रगति का तहत आईआईटी रूड़की जश्न मना रहा है
29 जुलाई को दूसरे अखिल भारतीय शिक्षा समागम एसा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी होंगे शामिल
28 जुलाई को भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान रूड़की दीक्षांत समारोह में कुल 1916 छात्रों को उपाधि प्रदान करेगा
एनईपी का बहु-विषयक दृष्टिकोण छात्रों को विभिन्न विषयों का पता लगाने और अच्छी तरह से कौशल सिक्षा को विकसित करने के लिए प्रोत्साहित करता है : आईआईटी रूड़की निदेशक श्री पंत
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान रूड़की (आईआईटी रूड़की) में आज दूसरे अखिल भारतीय शिक्षा समागम से पूर्व राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तीन वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में एक प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया। प्रेस वार्ता को आईआईटी रूड़की के निदेशक केके पंत, राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान श्रीनगर के निदेशक ललित कुमार अवस्थी और उत्तराखंड कौशल विकास और उद्यमिता के क्षेत्रीय निदेशक रवि चिलुकोटी ने संबोधित किया।
प्रेस वार्ता के दौरान पंत ने जानकारी देते हुए बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत विकसित पाठ्यक्रम छात्रों को अत्यधिक लचीले ढांचे में बहु-विषयक और समग्र शिक्षा के अवसर प्रदान करता है जैसा कि परिकल्पित किया गया है। उन्होंने कहा कि जहां संस्थान अपने छात्रों को कृत्रिम बुद्धिमत्ता जैसी अत्याधुनिक तकनीकों में अनिवार्य पाठ्यक्रम प्रदान कर रहा है, वहीं यह छात्रों को ‘भारतीय ज्ञान प्रणाली’ पर पाठ्यक्रम भी पढ़ा रहा है और ‘सामुदायिक आउटरीच’ पाठ्यक्रम के माध्यम से छात्रों को समाज से जोड़ रहा है। उन्होंने कहा कि नए पाठ्यक्रम में, सभी कार्यक्रमों में छात्र भौतिकी, गणित और कंप्यूटर प्रोग्रामिंग के अलावा सॉफ्ट स्किल्स, टिंकरिंग और मेंटरिंग, डेटा साइंस, भारतीय ज्ञान प्रणाली (आईकेएस), पर्यावरण विज्ञान और स्थिरता (ईएसएससी), सामुदायिक आउटरीच (कोर) पर पाठ्यक्रम का अध्ययन करेंगे। संस्थान छात्रों को उद्योग के सहयोग से व्यावसायिक कौशल विकसित करने में भी सक्षम बनाता है जैसा कि एनईपी 2020 में जोर दिया गया है।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) कार्यान्वयन के तीन वर्षों की प्रगति का तहत आईआईटी रूड़की जश्न मना रहा है
