कबड्डी में फूर्ती, ताकत गति और धैर्य, जनून व टीम भावना का अद्भुत मिश्रण
कबड्डी में सिर्फ शारीरिक दमखम ही नहीं, मानसिक रूप से मबजूती की भी बहुत जरूरत
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इण्डोर स्टेडियम रोशनाबाद पहुॅचकर 50वीं राष्ट्रीय जूनियर कबड्डी चैम्पियनशिप का दीप जलाकर किया शुभारम्भ।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी खिलाड़ियों के देवभूमि उत्तराखण्ड पधारने पर सभी का स्वागत एवं अभिनन्दन करते हुए कहा कि उत्तराखण्ड को राष्ट्रीय जूनियर कबड्डी चैम्पियनशिप की मेज़बानी करने का अवसर प्राप्त हुआ है। उन्होंने खेलों एवं खिलाड़ियों के प्रति अपने जज़्बे को जाहिर करते हुए कहा कि हमेंशा प्रयास रहता है कि खिलाड़ियों एवं नौजवानों के बीज में आकर आवश्य कार्यक्रम में प्रतिभाग करूं। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों के बीच में आकर अत्यन्त हर्ष हुवा है।
उन्होंने कहा कि सभी खिलाड़ियों के चहरों पर ऊर्जा, उत्साह देखकर साफ पता चल रहा है इस प्रतियोगिता में अपना दम खम दिखाने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। उन्होंने कहा कि कबड्डी हमारे देश का एक प्राचीन खेल है। उन्होंने कहा कि इस खेल में सफलता के लिए जहॉ एक ओर खिलाड़ी की फूर्ती, ताकत और गति महत्वपूर्ण होती हैं वही दूसरी ओर खिलाड़ियों में धैर्य, जनून और टीम भावना भी बहुत जरूरी होती है अर्थात कबड्डी में फूर्ती, ताकत गति और धैर्य, जनून व टीम भावना का अद्भुत मिश्रण देखने को मिलता है। उन्होंने कहा कि कबड्ड़ी में सिर्फ शारीरिक दमखम से ही काम नही चलता बल्कि मानसिक रूप से मबजूती की भी बहुत जरूरत पड़ती है। उन्होंने अपने टाईम का स्मरण करते हुए कहा कि स्कूल के दिनों में कबड्डी खेला करते थे और कबड्डी खेलना का यह फायदा हुआ कि राजनीति की कबड्डी में ज्यादा दिक्कत नहीं हुई।
उन्होने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्ग दर्शन में राज्य सरकार भी राज्य के अन्दर खेल प्रतिभाओं को, खेल संस्कृति को विकसित करने के साथ-साथ खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने का काम भी देव भूमि उत्तराखण्ड के अन्दर कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में जहां एक ओर खेल नीति लागू कर राश्ट्रीय एवं अन्तराश्ट्रीय स्तर के पदक लाने वाले खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी देने की व्यवस्था की गई हैं वहीं प्रदेश के आवासी स्पोर्ट्स कॉलेजों के खिलाड़ियों को निःशुल्क शिक्षा, प्रशिक्षण, भोजन, व किट प्रदान किये जा रहे हैं। इसके साथ ही 8 वर्श की उम्र से ही प्रतिभावान बच्चों को तैयारी करने के लिए खेल छात्रवृत्ति देने, खिलाड़ियों के लिए 4 प्रतिशत आरक्षण पुनः लागू करने एवं खिलाड़ियों को दी जाने वाली पुरस्कार राशि को दौ गुना करने जैसे अनेक निर्णयों के माध्यम से प्रदेश के अन्दर खिलाड़ियों को लगातार प्रोत्साहित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि शीघ्र ही खिलाड़ियों की सुविधाओं एवं विकास के लिए खेल विश्वविद्यालय बनाने जा रहे हैं। खेल विश्वविद्यालय से राज्य के खिलाड़ियों को विश्व स्तरीय प्रशिक्षण मिलेगा, सुविधाएं मिलेंगी और अधिक अवसर प्राप्त होंगे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के प्रयासों का परिणाम है आज उत्तराखण्ड देवभूमि के साथ-साथ खेल भूमि के रूप में भी अपनी पहचान स्थापित कर रहा है। उन्होंने कहा कि यह हम सभी के लिए बहुत हर्श की बात है कि इसी माह 28 जनवरी से उत्तराखण्ड में 38वे राश्ट्रीय खेलों का आयोजन होने जा रहा है। सरकार ने अवस्था सुविधाओं पर लगभग 500 करोड़ रूपये की धनराशि खर्च की है। राज्य में कई नए खेल मैदानों का निर्माण करने के साथ-साथ पहले से बने स्टेडियम या खेल स्थलों के पुर्ननिर्माण के कार्य किये गए हैं। उन्होंने बताया कि पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने के उद्देश्य से इस बार के राष्ट्रीय खेलों को ग्रीन गैम्स थीम पर आयोजित करने जा रहे हैं। इस बार के राष्ट्रीय खेलों का आनन्द लें।
इस अवसर पर जिलाधिकारी कर्मेन्द्र सिंह, एसएसपी प्रमेन्द्र सिंह डोबाल, एचआरडीए उपाध्यक्ष अंशुल सिंह, मुख्य विकास अधिकारी आकांक्षा कोण्डे, अपर जिलाधिकारी दीपेंद्र सिंह नेगी, सीएमओ आरके सिंह, एसपी सिटी पंकज गैरोला, डिप्टी कलेक्टर लक्ष्मी राज चौहान, एसडीएम अजयवीर सिंह पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वामी यतीश्वरानंद, पूर्व विधायक कुंवर प्रणब सिंह चैम्पियन, संजय गुप्ता, देशराज कर्णवाल,सुरेश राठौर, जिलाध्यक्ष संदीप गोयल, जिला उपाध्यक्ष लव शर्मा,युवा मोर्चा अध्यक्ष विक्रम भुल्लर,आशुतोष शर्मा, ओपी जमदग्नि,आशु चौधरी, ओलम्पिक संघ के अध्यक्ष महेश जोशी, महा सचिव डीके सिंह सहित अन्य व्यक्ति आदि उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इण्डोर स्टेडियम रोशनाबाद पहुॅचकर 50वीं राष्ट्रीय जूनियर कबड्डी चैम्पियनशिप का दीप जलाकर किया शुभारम्भ।
