बहादराबाद विद्युत वितरण उपखंड में उपभोक्ताओं के लिए सार्वजनिक शोचाय शोपीस बनकर रह गए।
शोचायलो में लगे जले और पानी नही गेट पर जमी घास अधिकारी देखने को तैयार नही उपभोगता परेशान।
यहां रोजाना सैकड़ों लोग बिजली से संबंधित समस्याओं के समाधान या बिल जमा करने के लिए आते हैं।
लेकिन परिसर की हालत इतनी बदतर है कि आमजन को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।विशेष रूप से शौचालयों की स्थिति बेहद दयनीय है। पूरे टॉयलेट परिसर में गंदगी का अंबार लगा हुआ है। शौचालयों में न तो पानी की व्यवस्था है और न ही टोंटियां लगी हैं। पानी की टंकियां सूखी पड़ी हैं, जिससे साफ-सफाई की कोई व्यवस्था नहीं हो पा रही है।
यह न केवल विभाग की घोर लापरवाही को उजागर करता है, बल्कि उपभोक्ताओं की गरिमा और स्वास्थ्य के साथ सीधा खिलवाड़ भी है।इस तरह की दुर्व्यवस्था से सबसे ज्यादा दिक्कत महिलाओं, बुजुर्गों और दूरदराज़ से आने वाले लोगों को हो रही है, जिन्हें घंटों इंतज़ार करना पड़ता है और इस दौरान शौचालयों की खराब हालत से जूझना पड़ता है।वहीं विभागीय अधिकारी इस समस्या से अनजान बनने का दिखावा कर रहे हैं। सवाल उठता है कि जब उपभोक्ताओं के लिए बनी सुविधाएं ही इस कदर उपेक्षित होंगी, तो विद्युत विभाग की अन्य कार्यप्रणाली पर क्या भरोसा किया जाए?
हरिद्वार के जिलाधिकारी मयूर दीक्षित से अपेक्षा है कि वह इस गंभीर लापरवाही का संज्ञान लें और बहादराबाद विद्युत उपखंड में साफ-सफाई, जल व्यवस्था और अन्य उपभोक्ता सुविधाओं को प्राथमिकता पर सुधारने के निर्देश जारी करें।
जनता को सम्मानजनक सुविधा देना विभाग की जिम्मेदारी है, इससे मुंह नहीं मोड़ा जा सकता।
बहादराबाद विद्युत वितरण उपखंड में उपभोक्ताओं के लिए सार्वजनिक शोचाय शोपीस बनकर रह गए। शोचायलो में लगे जले और पानी नही गेट पर जमी घास अधिकारी देखने को तैयार नही उपभोगता परेशान। यहां रोजाना सैकड़ों लोग बिजली से संबंधित समस्याओं के समाधान या बिल जमा करने के लिए आते हैं।
