ब्लॉक बहादराबाद के ग्राम अतमलरपुर बौगला के राजकीय उच्चतर प्राथमिक विद्यालय बौगला में तीन अध्यापक कार्यरत होने के बावजूद भी बच्चों को शिक्षा देने कोई भी अध्यापक नहीं पहुंचता| शायद इसीलिए की सरकारी स्कूलों में गरीबों के बच्चे पढ़ते हैं|
मिली जानकारी के अनुसार मास्टर सतीश चौहान सेवानिवृत्त होने के बावजूद भी बच्चों को इसी विद्यालय में शिक्षा देते हैं| जो अपने आप में एक बहुत ही महान कार्य हैं| लेकिन सवाल खड़ा हो जाता है| जिन अध्यापकों की इस विद्यालय में सरकार के द्वारा नियुक्ति की गई है| वह इस ओर बिल्कुल भी ध्यान नहीं दे रहे हैं| और बच्चों के भविष्य के साथ बड़ा खिलवाड़ कर रहे हैं| जोकि यह गलत है| वैसे तो सरकार बच्चों को देश का भविष्य बताती हैं| जिसका नमूना आप राजकीय उच्चतर प्राथमिक विद्यालयों में जाकर देख सकते हैं| बौगला में राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय की शिकायत कई दिनों से आ रही थी| जब पत्रकारों ने विद्यालय में पहुंचकर मामले की जानकारी लेनी चाहि तो वहा अध्यापिका संतोष कुमारी मिली जो कि पास वाले प्राइमरी स्कूल में नियुक्त हैं| अध्यापिका से पूछे जाने पर उन्होंने बताया है| कि इस विद्यालय में कोई भी अध्यापक ना होने की वजह से मैं आज के लिए बच्चों को पढ़ाने आई हूं| और देखा गया कि कक्षा 6, 7 और 8 के सभी बच्चे क्लास रूम के बाहर बरामदे में मिलकर बैठे हैं| जब इस संबंध में बच्चों से बात की तो उन्होंने बताया है| कि चार-पांच दिनों से यहा कोई भी हमारे अध्यापक हमें पढ़ाने नहीं पहुंच रहे है| हमें पढ़ाने के लिए पास वाले प्राइमरी स्कूल के अध्यापक थोड़ी देर के लिए आते हैं और फिर चले जाते हैं| जब पत्रकारों ने उच्च अधिकारियों से बात करनी चाही| तो उप शिक्षा अधिकारी दीप्ति यादव ने कहा है| कि इस विद्यालय में दो अध्यापिका छुट्टी पर हैं| और एक सुधांशु त्रिवेदी नाम का प्रधानाध्यापक कार्यालय अटैच है| अब आप इससे अंदाजा लगा सकते हैं कि देश का भविष्य किस और है|
ब्लॉक बहादराबाद के ग्राम अतमलरपुर बौगला के राजकीय उच्चतर प्राथमिक विद्यालय बौगला में तीन अध्यापक कार्यरत होने के बावजूद भी बच्चों को शिक्षा देने कोई भी अध्यापक नहीं पहुंचता| शायद इसीलिए की सरकारी स्कूलों में गरीबों के बच्चे पढ़ते हैं|


