पथरी। 27 जुलाई मंगलवार को ऊर्जा निगम के अधिकारी व कर्मचारियों ने अपनी 14 सूत्रीय मांगो को लेकर दो दिवसीय हड़ताल पर बैठे।
विधुत आपूर्ति बंद हो जाने के कारण जनता को हो रही समस्या के कारण सुभम सैनी सदस्य भारत सरकार द्वारा ग्रामीणों के साथ मिलकर सब स्टेशन भट्टीपुर पथरी में ताला डालकर अधिकारियों एवं सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। साथ ही शुभम सैनी ने कहा कि भाजपा सरकार के समय मे जनता को परेशान किया जा रहा है लगभग पांच घण्टो से पूरे ग्रामीण क्षेत्र की बिजली गुल है कुछ तो मौसम की मार ऊपर से बिजली कर्मचारियों ने अपनी समस्या के लिए हड़ताल की है लेकिन इस बीच मे पीस रहे है ग्रामीण अगर जल्द से जल्द बिजली आपूर्ति को शुचारु रूप से चालू नही किया गया तो सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर धरना प्रदर्शन किया जायेगा क्षेत्र की जनता इसको बिलकुल भी बर्दाश नही करेंगे।
अधिकारियों द्वारा अपने फ़ोन स्विच ऑफ करे गए हैं।
बिजली विभाग के कर्मचारी साथ ही पूरे ग्रामीण क्षेत्र कि बिजली को पूण रूप से बंद कर दिया गया हैं हड़ताल करना कर्मचारियो का मौलिक अधिकार है लेकिन बिजली को बन्द करना तो जनता को परेशान करना है। उच्च न्यायालय का कथन है कि विरोध करने का दूसरा राश्ता है कि आप हाथ पर काली पट्टी बांध कर विरोध करे बिजली काट कर जनता को परेशान करना किसी भी स्थित में उचित नहीं है l लेकिन कर्मचारियों को जनता कि परेशानी से कोई मतलब नहीं है l
उच्च न्यायालय के आदेशानुसार बिजली जनता का मौलिक अधिकार है और इसको काटने का अधिकार किसी को नहीं है । अपने निजी हितों के लिए बिजली सप्लाई बाधित करने का अधिकार किसी को नहीं है । आप काली पट्टी बांध कर भी विरोध कर सकते हैं । अन्यथा ये जनता भी जानती है कि वैसे भी बिजली कि रीडिंग लेनी हो या लाइन कि मरम्मत का काम तो वैसे भी ठेकेदार के आदमी ही करते हैं आपको 50 हजार देने की जगह यही 15 हजार में काम कर सकते है आपको अपने हित के लिए आप जनता को परेशान नहीं कर सकते।
