रिजवी एसआईटी के शिकंजे में, अब अन्य आरोपियों की बढ़ेंगी मुश्किल
प्रेस क्लब में दिए भाषण में हुई गिरफ्तारी, भारतीय पत्रकार सघ के जिला अध्यक्ष दिलशाद ने कराया था मुकदमा।हरिद्वार। उत्तर प्रदेश से हरिद्वार आ कर भड़काऊ भाषण देने में लगे उत्तर प्रदेश शिया वक्फ बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष वसीम रिजवी उर्फ जितेंद्र नारायण त्यागी आखिरकार उत्तराखंड पुलिस के हत्थे चढ़ गए। गौरतलब है 12 नवंबर को प्रेस क्लब हरिद्वार में भाषण देने में हुई गिरफ्तारी जिसमें भारतीय पत्रकार सघ के जिला अध्यक्ष दिलशाद ने कराया था मुकदमा दर्ज कराया था और दिसंबर 2021 में वसीम रिजवी ने हरिद्वार में आकर इस्लाम धर्म के प्रवर्तक मोहम्मद साहब पर अशोभनीय टिप्पणी करते हुए विवादित पुस्तक का विमोचन किया था यही नहीं हरिद्वार के भूपतवाला में आयोजित कथित धर्म संसद में भी इस्लाम धर्म को लेकर काफी अपमानजनक टिप्पणी रिजवी द्वारा की गई थी। जिस प्रकार धर्म संसद में रिजवी के अतिरिक्त अन्य संतों द्वारा इस्लाम धर्म को अपमानित करते हुए मुस्लिमों का कत्ल करने का आह्वान किया था उसको लेकर भी काफी बवाल होने पर आखिरकार पुलिस ने रिजवी सहित पांच अन्य संतों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया था। धर्म संसद में दिए गए इस प्रकार के भड़काऊ भाषण को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मुद्दा उछलने पर उत्तराखंड पुलिस ने कठोर कार्रवाई करने की मंशा से दर्ज मुकदमों की जांच एसआईटी से कराए जाने का निर्णय लिया था। पिछले 1 सप्ताह से एसआईटी जोर शोर से जांच में लगी हुई थी आखिरकार भड़काऊ भाषण देकर माहौल खराब करने का आरोपी वसीम रिजवी उर्फ जितेंद्र नारायण त्यागी उत्तराखंड पुलिस ने धर दबोचा। रिजवी की गिरफ्तारी के साथ ही भड़काऊ भाषण के आरोपी अन्य संतों की धड़कन तेज हो गई है।
