पार्टी की गतिविधियों को देखते हुए पूर्व ग्राम प्रधान अरविंद कुमार व जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि दे सकते हैं अपने मंडल अध्यक्ष पद से इस्तीफा । आखिर क्यों
भारतीय जनता पार्टी में अनुसूचित समाज के साथ सौतेला व्यवहार के चलते वरिष्ठ कार्यकर्ता पूर्व प्रधान अरविंद कुमार, व जिला पंचायत प्रतिनिधि 25 वर्षों से कर रहा था पार्टी के लिए काम उसको जाति की नजरों से देखते हुए पार्टी की गतिविधियों से अलग स्थान पर रखते हुए यह दर्शाया कि आज भी जातिवाद जिंदा है
सोशल मीडिया पर वायरल हो रही खबर को लेकर सूत्रों के हवाले से मिल रही है जानकारी की पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वामी यतिस्वरानंद के करीबी रहे पूर्व ग्राम प्रधान अरविंद कुमार व जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि अपने मंडल अध्यक्ष पद से दे सकते हैं इस्तीफा इस खबर से जिला हरिद्वार में मच रही है खलबली अब देखने वाली बात होगी कि किन बातों को लेकर अरविंद कुमार ने इतना बड़ा फैसला लेने का डिसीजन लिया है जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि बनने के बाद उनके साथ विकास कार्यों को लेकर कहीं ना कहीं जातिवाद अंदर पार्टी में पनप रहा है अब अरविंद कुमार अपने मंडल अध्यक्ष पद से इस्तीफा देंगे या नहीं।
पार्टी की गतिविधियों को देखते हुए पूर्व ग्राम प्रधान अरविंद कुमार व जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि दे सकते हैं अपने मंडल अध्यक्ष पद से इस्तीफा । आखिर क्यों
