पतंजलि विश्वविद्यालय में दीपावली से पूर्व हवन-यज्ञ का आयोजन किया गया जिसमें सभी छात्र-छात्राओ ने प्रतिभाग किया बाल कृष्ण आचार्य ने क्या कहा?
दीपावली के पर्व के अवकाश से पूर्व पतंजलि विश्वविद्यालय में एक सामूहिक यज्ञ का आयोजन किया गया यज्ञ में हुए हवन में विश्वविद्यालय के सभी छात्र-छात्राओं ने भाग लिया इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति आचार्य बालकृष्ण ने छात्र-छात्राओं एवं शिक्षकों को संबोधित करते हुए कहा कि सभी छात्र-छात्राएं दीपावली की छुट्टियों में अपने-अपने घर में यज्ञ-हवन करेंगे खासकर दीपावली के दिन लक्ष्मी पूजन से पूर्व सभी छात्र-छात्राएं अपने-अपने घर जाकर यज्ञ-हवन करेंगे और उस हवन में अपने परिवार जनों को भी शामिल करेंगे और अपने अवकाश के दौरान अपनी गतिविधियों से परिवार जनों को यह सिद्ध करेंगे की वह पतंजलि विश्वविद्यालय में शिक्षा ग्रहण करते हुए भारतीय संस्कृति एवं उसकी परंपराओं को जीवंत रखने के लिए काफी कुछ सीख करके आए हैं। आगे बोलते हुए आचार्य ने कहा कि हमें अपनी संस्कृति को बरकरार रखने एवं परंपराओं को जीवंत बनाए रखने के लिए ऐसी धार्मिक एवं आध्यात्मिक गतिविधियों को समाज में संचालित रखने के लिए हमें सतत प्रयास करने होंगे। आचार्य ने भारतीय रिश्ताे को विद्रूपता के हवाले करने के लिए जिम्मेदार पाश्चात संस्कृति को समाप्त करने के लिए हमें अपने परिवार जनों एवं रिश्तेदारों को भारतीय संस्कृति द्वारा प्रदत्त रिश्तो को अमल में लाना होगा और इस अंकल आंटी वाली पाश्चात संस्कृति से भारतीय समाज को मुक्ति दिलानी होगी। दीपावली पर्व के अवकाश की घोषणा के अवसर पर आचार्य ने विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति के चेक भी वितरित किए इस अवसर पर सभी छात्र-छात्राओं ने अवकाश में दो दिन की वृद्धि की घोषणा होने पर खुशी जाहिर की। इस अवसर पर आचार्य ने सभी छात्र-छात्राओं को आशीर्वाद प्रदान कर उन्हें खुशी-खुशी अपने घर पर दीपावली का पर्व मनाने का संदेश दिया साथ ही अवकाश समाप्त होने पर समय से विश्वविद्यालय में उपस्थित होने की हिदायत भी दी।
पतंजलि विश्वविद्यालय में दीपावली से पूर्व हवन-यज्ञ का आयोजन किया गया जिसमें सभी छात्र-छात्राओ ने प्रतिभाग किया बाल कृष्ण आचार्य ने क्या कहा?

