पथरी जंगल में खैर के पेड़ कटाने वाले तस्करो को गिरफ्तार कर डीएफओ कार्यालय में किया बड़ा खुलासा।
बड़ी कार्यवाही करते हुऎ 32 नग खैर के कटे हुवे किये बरामद और अच्छे कार्य को देखते हुऎ डीएफओ ने अधिकारियों व कर्मचारियों की पीठ थपथपाई
हरिद्वार। पथरी जंगल में खैर के पेड़ों का कटान कर तस्करी करने के मामले का भंडाफोड़ करते हुए चार आरोपियों को किया गिरफ्तार। मौके से काटे गए खैर के 32 नग बरामद किए गए हैं। संबंधित धाराओं में वन तस्करो के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया। आरोपियों को गिरफ्तार करने वाली टीम की डीएफओ ने पीठ थपथपाई शनिवार को वन विभाग कार्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में मामले का खुलासा करते हुए हरिद्वार वन प्रभाग के प्रभागीय वनाधिकारी वैभव कुमार ने कहा कि हरिद्वार वन प्रभाग की विभिन्न रेंजों में पिछले कुछ समय में हुई पेड़ों के अवैध पातन की घटनाएं हो रही थी, जिनमें संलिप्त अभियुक्तों की धरपकड के लिए रेंज स्तर पर वन क्षेत्राधिकारियों के नेतृत्व में टीमों का गठन किया गया था शनिवार सुबह लगभग सवा 3 बजे मुखबिर की सूचना पर टीम ने पथरी जंगल में कार्रवाई की। कार्रवाई के दौरान टीम ने पेड़ों के अवैध पातन के मामले में चार वन तस्करों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में अभियुक्तों ने अपना नाम समी और यामीन निवासी सरवट थाना सिविल लाईन मुज्जफरनगर, अंकित निवासी हबीबपुर कुरडी थाना रायसी हरिद्वार, सौरभ निवासी लक्सर बताया है। टीम को तस्करों से 1 महिंद्रा पिकप और 32 नग खैर प्रकाष्ठ मिला है। वर्तमान में प्रकरण की जांच की जा रही है। कहा कि उक्त प्रकरण में संलिप्त अन्य अभियुक्तों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। डीएफओ वैभव कुमार ने कहा कि आरक्षित वन क्षेत्रों में किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि में संलिप्त पाया जाता है, तो उसके खिलाफ वन अधिनियम की धाराओं में कार्रवाई की जाएगी। कहा कि यदि कोई व्यक्ति अवैध गतिविधि में संलिप्त है, तो उसकी सूचना वन विभाग या फिर निकट वन चौकी को दें।
वन विभाग की टीम में एसडीओ संदीप शर्मा, वन क्षेत्राधिकारी शैलेंद्र सिंह नेगी, वन दरोगा अरविंद कुमार, वन रक्षक रोहित, योगेश, शिवेक, श्याम लाल, राहुल चौहान, अंकित, सोनी कुमार आदि वन कर्मचारी शामिल रहे।
पथरी जंगल में खैर के पेड़ कटाने वाले तस्करो को गिरफ्तार कर डीएफओ कार्यालय में किया बड़ा खुलासा। बड़ी कार्यवाही करते हुऎ 32 नग खैर के कटे हुवे किये बरामद और अच्छे कार्य को देखते हुऎ डीएफओ ने अधिकारियों व कर्मचारियों की पीठ थपथपाई

