सिचाई मंत्री सतपाल महाराज ने अधिकारियों को परिसंपत्तियों के बंटवारे में तेजी लाने के दिये निर्देश उत्तर प्रदेश-उत्तराखण्ड के मध्य आस्तियों एवं दायित्वों के विभाजन को लेकर बैठक

 सिचाई मंत्री सतपाल महाराज ने अधिकारियों को परिसंपत्तियों के बंटवारे में तेजी लाने के दिये निर्देश

उत्तर प्रदेश-उत्तराखण्ड के मध्य आस्तियों एवं दायित्वों के विभाजन को लेकर बैठक

हरिद्वार। उत्तर प्रदेश एवं उत्तराखण्ड के मध्य आस्तियों एवं दायित्वों के विभाजन के सम्बन्ध में आयोजित बैठक में वर्चुअल प्रतिभाग करते हुए प्रदेश के सिंचाई मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि पूर्व में हुई दोनों राज्यों के मुख्य सचिवों की बैठक में हरिद्वार उधमसिंहनगर एवं चम्पावत की कुल 660.182 है० भूमि को उत्तराखण्ड को हस्तान्तरण की सहमति बनी थी, किन्तु अभी तक इस संबंध में कोई प्रगति नहीं हुई है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि तत्काल उत्तर प्रदेश से शासनादेश निर्गत करवायें जाएं। 

उत्तराखंड एवं उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग के अधिकारियों के मध्य बुधवार को हरिद्वार स्थित उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग गेस्ट हाउस में उच्च स्तरीय बैठक आयोजित हुई। बैठक में प्रदेश के सिंचाई मंत्री सतपाल महाराज ने भी वर्चुअल प्रतिभा किया। बैठक में दोनों राज्यों के मध्य परिसम्पत्तियों के बंटवारे के सम्बन्ध में उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग द्वारा अनुप्रयुक्त खाली भूमि के हस्तान्तरण पर सहमति बनी तथा अवगत कराया गया कि हस्तान्तरण हेतु प्रस्ताव उत्तर प्रदेश शासन को भेजा गया। बनबसा में भूमि हस्तान्तरण हेतु उत्तराखंड सिंचाई विभाग के नियन्त्रणाधीन एक खण्ड खोलने हेतु भूमि उपलब्ध कराने के लिये उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग को प्रस्ताव प्रेषित करने पर भी सहमति हुई।

बैठक में इकबालपुर नहर हेतु अपर गंगा कैनाल से पानी उपलब्ध कराने के लिये प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया, जिसमें उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग के अधिकारियों द्वारा वर्तमान में उपलब्ध डिस्चार्ज के आधार पर अध्ययन कर निर्णय लेने के सम्बन्ध में अवगत कराया गया। जनपद हरिद्वार में भगत सिंह चौक की जल निकासी हेतु अपर गंगा कैनाल के नीचे से ड्रेनेज क्रास कराकर सिल्ट इजेक्टर में छोडने हेतु अनापत्ति के सम्बन्ध में वार्ता हुई. जिसमें विस्तृत डी०पी०आर० प्रस्तुत करने के उपरान्त निर्णय लेने के सम्बन्ध में अवगत कराया गया।

उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग से सिंचाई खण्ड रुड़की उत्तराखंड को पूर्व में 04 नहरें हस्तान्तरण करने के सम्बन्ध में सहमति हुई थी, उक्त में से 02 नहरों को सिंचाई खण्ड रुड़की को हस्तान्तरित करने हेतु निर्देशित किया गया। बनबसा बैराज पर पूर्व निर्मित पुल को Retrofit कराने हेतु विचार-विमर्श किया गया। उत्तर प्रदेश सिचाई विभाग द्वारा अवगत कराया गया कि यह बैराज पुराना है तथा नये बैराज का प्रस्ताव गठित किया जा रहा है। उक्त में पुल का प्रस्ताव आवश्यकतानुसार सम्मिलित कर लिया जायेगा। उत्तराखंड से उत्तर प्रदेश को जाने वाले शिलाखाला नाले की सफाई हेतु विचार-विमर्श हुआ, जिसमें उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग द्वारा सम्बन्धित खण्ड को नाले की सफाई कराने हेतु निर्देशित किया गया।

बैठक में प्रदेश के सिंचाई मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि 25 अगस्त 2021 को टिहरी बांध की ऊंचाई 02 मीटर बढ़ाने से वर्तमान में टिहरी बांध से 4879 क्यूसेक अतिरिक्त जल भीमगौडा बैराज पर उपलब्ध हो रहा है जिसका सम्पूर्ण उपयोग उ०प्र० द्वारा किया जा रहा है, जबकि उ०प्र० की मांग 4000 क्यूसेक है। उत्तराखण्ड राज्य द्वारा 4879 क्यूसेक अतिरिक्त जल से 665 क्यूसेक जल की मांग की गयी है जो बहुत कम है।

उन्होंने अधिकारियों से कहा कि बनबसा बैराज पर पन्टून ब्रिज अत्यन्त पुराना है जिसके निर्माण की आवश्यकता है, किन्तु बनबसा बैराज का नियंत्रण उ०प्र० सिंचाई विभाग के अधीन है। इसके निर्माण हेतु भी तत्काल कार्यवाही की जानी चाहिए।

बैठक में उत्तर प्रदेश एवं उत्तराखंड सिंचाई विभाग के प्रमुख अभियन्ताओं तथा अन्य उच्चाधिकारियों शामिल थे।

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