राहुल गांधी ने संसद भवन में भारत के 7 ऑर्डिनेंस फैक्ट्रियों से आए कर्मचारियों के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात हुई जहां उनकी समस्याओं को गहराई से समझा।
इन कर्मचारियों को अग्निवीर के रूप में टेन्योर आधारित कर काम पर रखा जा रहा है। सिर्फ इटारसी ऑर्डिनेंस फैक्ट्री में 511 स्किल्ड कर्मचारियों के लिए पद हैं, जिनमें से 500 रिक्त हैं, मगर फिर भी इन नए रिक्रूट्स को उन पदों में शामिल नहीं किया गया है।
और तो और इन्हें अपनी बात सार्वजनिक रूप से उठाने का भी अधिकार नहीं – ये उनके कॉन्ट्रैक्ट तक में डाला गया है। काम वही लिया जा रहा है जो स्थायी कर्मचारी करते हैं मगर समान सुविधाओं को ऐसे कॉन्ट्रैक्ट के माध्यम से छीन लिया गया है।
ये पूरा माजरा इसलिए ताकि इन्हें कई सरकारी सुविधाओं से वंचित रखा जाए, इनको अस्थायी रूप से कार्यरत रखा जाए और मौका आने पर आसानी से निकाल दिया जाए।
पूरी देशभक्ति के साथ, भारत की सुरक्षा के लिए दिन-रात एक कर, पूरी जी-जान से काम करने वाले इन युवाओं के प्रति देश और सरकार की भी ज़िम्मेदारी बनती है। इनके भविष्य को सुरक्षित किया जाए, इनके परिवारों का ख्याल रखा जाए – इन्हें आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा दी जाए।
इस भेदभाव के ख़िलाफ़ पूरी मजबूती के साथ खड़ा हूं और पूरी ताक़त से इनकी आवाज़ बुलंद करूंगा – सरकार के कानों तक पहुंचाऊंगा।
राहुल गांधी ने संसद भवन में भारत के 7 ऑर्डिनेंस फैक्ट्रियों से आए कर्मचारियों के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात हुई जहां उनकी समस्याओं को गहराई से समझा।
