ग्राम बहादुरपुर जट्ट में चल रही रामलीला में देर रात सीता हरण का दृश्य दिखाया गया।
रामलीला के डायरेक्टर धर्मेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि रामलीला को देखने के लिए हजारों की संख्या में दर्शक उमड़ रहे हैं।
उन्होंने बताया कि स्वरूपनखा के भाई खर और दूषण का वध होने के बाद स्वरूपनखा राजा रावण के दरबार में पहुंचती है। और कहती है कि राम और लक्ष्मण ने मेरे नाक और कान काट डाले हैं। और मुझे अपमानित किया है। और खर और दूषण का वध किया है। इससे रावण क्रोधित होता है। और सीता को चुराने की योजना बनाता है। रावण मामा मारीच के साथ पंचवटी के पास पहुंचता है। सोने के हिरन देखकर सीता रामचंद्र जी को उसे पकड़ने को कहती है। रामचंद्र जी हिरन पीछा करते-करते दूर चले जाते हैं। मामा मारीच रामचंद्र की आवाज में लक्ष्मण को बुलाते हैं। इस पर सीता लक्ष्मण को भाई की सहायता के लिए जाने को कहती है। लक्ष्मण जाने से पहले पंचवटी के चारों ओर अपने तीर कमान से लक्ष्मण रेखा खींच देते हैं। और सीता को हिदायत देते हैं। कि उसे रेखा से बाहर नहीं निकलना है। लक्ष्मण के जाते ही रावण साधु के भेष में भिक्षा लेने के लिए आता है। परंतु लक्ष्मण रेखा को देखकर हैरान हो जाता है। वह सीता से रेखा से बाहर आकर भिक्षा देने को बोलता है। तब सीता भीक्षा देने के लिए बाहर आती है। तभी रावण उसका हरण कर पुष्पक विमान में बैठकर ले जाता है।
इस मौके पर रामलीला के प्रधान धीर सिंह, शिव चौधरी, नितिन पंडित, जोगेंद्र कश्यप, अमन कश्यप ,अरविंद चौधरी, ललित चौधरी, छोटन लाल मास्टर ,निशु ढोलकिया, पप्पू पाल,रमेश कुमार राकेश कुमार, अशोक पंडित, कृष्ण पाल चौधरी, पुष्पेंद्र चौधरी आदि ने रामलीला में सभी व्यवस्थाओं को दिखा।
ग्राम बहादुरपुर जट्ट में चल रही रामलीला में देर रात सीता हरण का दृश्य दिखाया गया। रामलीला के डायरेक्टर धर्मेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि रामलीला को देखने के लिए हजारों की संख्या में दर्शक उमड़ रहे हैं।
