हरिद्वार विकास भवन में जिलास्तरीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए आउटरीच प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ सुश्री रागिनी तिवारी,पाठ्यक्रम निर्देशक डॉ आरएस टोलियां उत्तराखंड प्रशासन अकादमी,नैनीताल द्वारा किया गया।

हरिद्वार विकास भवन में जिलास्तरीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए आउटरीच प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ सुश्री रागिनी तिवारी,पाठ्यक्रम निर्देशक डॉ आरएस टोलियां उत्तराखंड प्रशासन अकादमी,नैनीताल द्वारा किया गया।

आपदा प्रबंधन तथा कार्यस्थल पर महिलाओं का लैंगिक उत्पीड़न (निवारण, प्रतिषेध एवं प्रतितोष) अधिनियम, 2013 विषयों पर एक दिवसीय आउटरीच प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन विकास भवन सभागार, हरिद्वार में सफलतापूर्वक किया गया। 

यह कार्यक्रम डॉ. आर.एस. टोलिया उत्तराखंड प्रशासन अकादमी (UAoA), नैनीताल द्वारा हरिद्वार जनपद के जिला स्तरीय अधिकारियों के लिए आयोजित किया गया।

कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के कुल 70 अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने प्रतिभाग किया।                

प्रशिक्षण का उद्देश्य अधिकारियों की क्षमता को आपदा की तैयारी, प्रतिक्रिया तंत्र तथा कार्यस्थल पर लैंगिक समानता एवं सुरक्षा से संबंधित कानूनी प्रावधानों के प्रति सुदृढ़ करना था।

कार्यक्रम के शुभारंभ के अवसर पर सुश्री रागिनी तिवारी, पाठ्यक्रम निदेशक,डॉ.आर.एस.टोलिया उत्तराखंड प्रशासन अकादमी, नैनीताल ने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए अवगत करते हुए कि यह प्रशिक्षण अकादमी द्वारा आउटरीच मोड में हरिद्वार जनपद में आयोजित किया गया है, ताकि आवश्यकता-आधारित प्रशिक्षण के माध्यम से अधिकतम अधिकारियों तक प्रशिक्षण की पहुँच सुनिश्चित की जा सके।उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है,जिसमें पहले दिन आपदा प्रबंधन एवं  महिलाओं के कार्य स्थल पर लैंगिक उत्पीड़न तथा दूसरे दिन सूचना अधिकार अधिनियम तथा तीसरे दिन प्रशासनिक सेवाओं/बजट के संबंध में प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाएगा।

प्रशिक्षण सत्रों में जनपद स्तर पर आपदा *तैयारी एवं रोकथाम हेतु की गई पहलों प्रतिक्रिया के लिए आपदा तैयारी एवं प्राथमिक उपचार तथा लैंगिक अवधारणाओं एवं कार्यस्थल पर महिलाओं के लैंगिक उत्पीड़न अधिनियम, 2013 के विभिन्न प्रावधानों पर विस्तार से चर्चा की गई। सत्रों का संचालन मीरा रावत, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी,हरिद्वार तथा डॉ. दीपा मेहरा रावत, वरिष्ठ सहायक प्राध्यापक,उच्च शिक्षा, देहरादून द्वारा किया गया। प्रशिक्षण के दौरान केस स्टडी एवं व्यावहारिक अभ्यास भी कराए गए।

कार्यक्रम का समापन मूल्यांकन एवं सत्यापन सत्र के साथ हुआ, जिसमें प्रतिभागियों ने अपने अनुभव एवं सुझाव साझा किए। प्रतिभागियों द्वारा कार्यक्रम को अत्यंत उपयोगी एवं व्यवहारिक बताया गया, जो जिला प्रशासन की क्षमता निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सिद्ध हुआ।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You May Have Missed!

0 Minutes
Uncategorized
हरिद्वार ग्रामीण से मंडल महामंत्री श्रवण कुमार बहुत जल्द दें सकते हैं अपने पद से इस्तीफा। इस्तीफा देने का कारण भ्रष्टाचारी कार्यकर्ताओं द्वारा किया जा रहा है शोषण।
0 Minutes
Uncategorized
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विरुद्ध बयान पर भाजपा का आक्रोश, चंद्राचार्य चौक पर किया  पुतला दहन।
0 Minutes
Uncategorized
विधानसभा सत्र के लिए गैरसैंण आगमन पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का भव्य स्वागत। गौचर, कर्णप्रयाग सहित विभिन्न स्थानों पर स्थानीय लोगों ने पुष्प वर्षा कर किया मुख्यमंत्री का स्वागत।
0 Minutes
Uncategorized
अवैध वसूली कर जान से मारने की धमकी देने वाला आया गिरफ्त में ऑपरेशन प्रहार के तहत आपराधिक तत्व पर हरिद्वार पुलिस का एक्शन गिरफ्त में आया हिस्ट्रीशीटर 03 हत्या के मामलों में है आरोपी, कुल 22 मुकदमों में है नामजद