रानीमाजरा गांव के एक किसान ने धान की जैविक खेती कर एक नई पहल की
हरिद्वार। पथरी क्षेत्र के रानीमाजरा गांव में पपू सिंह सैनी ने जैविक खेती कर एक नई पहल करते हुवे जैविक खेती के बारे में किसानों को बताया आइये जानते है क्यू की जाती है जैविक खेती करने के लिए सरकार काफी जोर दे रही है जो किसान जैविक खेती करता है तो उसके लिए सरकार सहायता भी दे रही है और खेती करने के लिए यन्त्र भी दे रही है लेकिन पथरी क्षेत्र के किसान पपू सिंह सैनी ने बताया कि जैविक खेती करने से काफी लाभ होते है। हर एक चीज केमिकल से तैयार की जा रही है जिसे हम खा रहे है अगर हमे अपने शरीर को स्वस्थ रखना है तो जैविक खेती करे क्योकि जैविक खेती से उगाई हुई फसल से बीमार नही होंगे बल्कि अपनी अनेक बीमारियों से मुक्ति हो सकेंगे जैविक खेती के लाभ इससे बीपी,सुगर,गठिया बाह,केंसर मुक्त,पेर या शरीर मे कहि भी दर्द हो सब ठीक होता है क्योकि जैविक खेती देसी खाद,व अन्ये नुक्तों से तैयार की जाती है जैसे गोमूत्रर,छाज,आदि जीजो को मिलाकर खेत मे डाला जाता है तभी इसकी पैदावार ली जाती है और पैसे से यह किसान एक सरकारी टीचर है जो पहाड़ में अपनी सेवाये दे रहे है लेकिन फिर भी इन्होंने जैविक खेती करने का ही मन मनाया इन्होंने कहा कि ओर किसान जैविक खेती कर सरकार से उनकी योजनाओ का लाभ ले सकते है जैविक धान की खेती करे इसके चावलो के दाम कम से कम 460 रु0 किलो, ओर नॉर्मल चावल के दाम लगभग 18,या 20 रु0 किलो है लेकिन इसका महंगा होना ही इसके फायदे है।
