अपराध नियंत्रण को लेकर SSP हरिद्वार के निर्देश पर हरिद्वार पुलिस की सख्त कार्यवाही।
विगत 05 वर्षों में गौकशी/गोवंश संबंधी अपराधों में संलिप्त रहे पूर्व अभियुक्तों की कराई गई परेड एवं भौतिक सत्यापन।
45 पूर्व अभियुक्तों का सत्यापन कर तैयार किए गए डोजियर, पुलिस ने बढ़ाई निगरानी।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, जनपद हरिद्वार के निर्देशन में तथा पुलिस अधीक्षक ग्रामीण एवं क्षेत्राधिकारी भगवानपुर के पर्यवेक्षण में प्रभारी निरीक्षक कोतवाली भगवानपुर के नेतृत्व में गौकशी एवं गोवंश संबंधी अपराधों की रोकथाम तथा अपराधियों की निगरानी हेतु विशेष अभियान चलाया जा रहा है।
कोतवाली भगवानपुर परिसर में विगत 05 वर्षों में गौकशी/गोवंश संबंधी अपराधों में संलिप्त रहे एवं वर्तमान में जमानत पर रिहा पूर्व अभियुक्तों को कोतवाली पर तलब कर उनकी परेड एवं भौतिक सत्यापन कराया गया।
इस दौरान कुल 45 पूर्व अभियुक्तों की उपस्थिति में निम्न कार्रवाई की गई
01. सभी पूर्व अभियुक्तों के फिंगर प्रिन्ट लिए गए तथा उनका डोजियर तैयार किया गया, जिससे आवश्यकता पड़ने पर घटनास्थल से प्राप्त फिंगर प्रिन्ट का मिलान कर जांच में सहायता प्राप्त की जा सके।
02. सभी व्यक्तियों के अलग-अलग एंगल से फोटोग्राफ लिए गए, ताकि भविष्य में पहचान एवं निगरानी में सहायता मिल सके।
03. सभी पूर्व अभियुक्तों के वर्तमान निवास स्थान का भौतिक सत्यापन कर पते एवं उपलब्ध जानकारी का मिलान किया गया।
04. सभी से उनके वर्तमान व्यवसाय, कार्य एवं आजीविका के साधनों के संबंध में जानकारी प्राप्त की गई तथा कानून का पालन करने हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
05. सभी पूर्व अभियुक्तों को निर्देशित किया गया कि वे प्रत्येक माह की 05 तारीख को अनिवार्य रूप से कोतवाली भगवानपुर में उपस्थित होकर अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगे, जिससे उनकी गतिविधियों की निरंतर निगरानी सुनिश्चित की जा सके।
06. संबंधित बीट आरक्षियों को निर्देशित किया गया कि उक्त व्यक्तियों की गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी जाए तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिलने पर तत्काल आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जाए।
07. सभी पूर्व अभियुक्तों को स्पष्ट रूप से चेतावनी दी गई कि भविष्य में गौकशी, गोवंश तस्करी अथवा कानून-व्यवस्था एवं सामाजिक सौहार्द प्रभावित करने वाली किसी भी गतिविधि में संलिप्तता पाए जाने पर प्रचलित कानून के तहत कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
हरिद्वार पुलिस द्वारा अपराधियों की गतिविधियों पर सतत निगरानी रखते हुए क्षेत्र में कानून-व्यवस्था एवं शांति बनाए रखने के लिए निरंतर प्रभावी कार्रवाई की जा रही है।
विगत 05 वर्षों में गौकशी/गोवंश संबंधी अपराधों में संलिप्त रहे पूर्व अभियुक्तों की कराई गई परेड एवं भौतिक सत्यापन।
