एक महिला का एम्स द्वारा इलाज न करना एम्स को पड़ा भारी।
लक्सर। एक महिला का एम्स हॉस्पिटल द्वारा इलाज न करे जाने पर एम्स के खिलाफ उत्तराखंड सरकार ने कार्रवाई करने के निर्देश दिए। केशव नगर सोसायटी रोड लक्सर की एक महिला के हाथ में गैंग्रीन होने के बाद उसे परिजनों द्वारा एम्स अस्पताल ऋषिकेश में भर्ती करा था।जहां उसका इलाज चल रहा था इलाज के दौरान महिला का लगभग ₹40000 स्वयं का खर्च हुआ जो उसने अपने आसपास के लोगों व मिलने जुलने वालों से इकट्ठा कर चुकाए थे।महिला का तत्काल ऑपरेशन होना था लेकिन एम्स प्रशासन द्वारा महिला को गंभीर हालत में छुट्टी दे दी गई और 4 हफ्ते बाद आने के लिए बोला गया।लेकिन जब महिला 4 हफ्ते बाद वापस गई तो एम्स प्रशासन ने अपना पल्ला झाड़ लिया कि एम्स में केवल कोविड-19 मरीजो का इलाज चल रहा है।जिसके बाद महिला दरबदर भटकती रही महिला के परिजनों के पास इतने पैसे नहीं थे कि वह किसी अन्य अस्पताल का खर्च उठा सकें एम्स प्रशासन द्वारा महिला को आयुष्मान कार्ड का लाभ भी नहीं मिल सका लक्सर के एक समाजसेवी ने पूरे प्रकरण की शिकायत स्वास्थ्य निदेशालय देहरादून में कर दी। शिकायत पर संज्ञान लेते हुए उत्तराखंड स्वास्थ्य निदेशालय ने एवं स्कोर नोटिस जारी कर दिया। एम्स प्रशासन द्वारा जवाब न मिलने के बाद कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
