देहरादून। परेड ग्राउंड में चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुवे राहुल गांधी ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि ‘इस गलतफहमी में मत रहिए कि हिंदुस्तान मजबूत हो रहा है. हेलीकॉप्टर, हवाई जहाज और तोप से देश मजबूत नहीं होता.भारत मजबूत तब होता, जब देश का नागरिक मजबूत होता’. इसके साथ ही राहुल गांधी ने उत्तराखंड के लोगों को चुनावी गारंटी भी दी।

देहरादून। परेड ग्राउंड में चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुवे राहुल गांधी ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि ‘इस गलतफहमी में मत रहिए कि हिंदुस्तान मजबूत हो रहा है. हेलीकॉप्टर, हवाई जहाज और तोप से देश मजबूत नहीं होता.भारत मजबूत तब होता, जब देश का नागरिक मजबूत होता’. इसके साथ ही राहुल गांधी ने उत्तराखंड के लोगों को चुनावी गारंटी भी दी।

राहुल गांधी ने कहा कि मैं आपको गारंटी देता हूं अगर उत्तराखंड में हमारी सरकार बनी तो किसानों की रक्षा होगी और उनकी पूरी मदद होगी. नए कानून बनाए जाएंगे तो किसानों के लिए बनाए जाएंगे. 2-3 पूंजीपतियों के लिए कानून नहीं बनाए जाएंगे और हमारे जो युवा-छोटे दुकानदार हैं, उन्हें हमारी सरकार पूरी सहायता देगी. जिससे प्रदेश में फिर से रोजगार पैदा होंगे.

राहुल गांधी ने कहा कि उत्तराखंड के लोग हमेशा बॉर्डर पर खड़े होते हैं. देवभूमि के युवा सेना, एयरफोर्स और नेवी के जरिए भारत मां की रक्षा में लगे हुए हैं. राहुल गांधी ने कहा कि बांग्लादेश की लड़ाई में मात्र 13 दिन में पाकिस्तान ने हथियार डाल दिया था. आमतौर पर युद्ध 6 महीने और 1 साल दो-तीन साल चलता है. अमेरिका ने अफगानिस्तान को हराने के लिए 20 साल लगा दिए. लेकिन, हिंदुस्तान के वीरों ने पाकिस्तान को 13 दिन में हरा दिया.

राहुल गांधी ने कहा कि यहां स्टेज पर हमारी लीडरशिप बैठी है, जो सेना में रहते हुए बॉर्डर पर जाकर लड़ी है. इन्होंने भी ऐतिहासिक काम किया था. मगर हमें भूलना नहीं चाहिए अगर हिंदुस्तान बंटा होता तो भारत बांग्लादेश की लड़ाई मात्र 13 दिन में नहीं जीतता. 13 दिन में जीत इसलिए हुई, क्योंकि पाकिस्तान उस वक्त नया देश बना था और पाकिस्तान के अंदर अपनी लड़ाई चल रही थी.

राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि आज देश को बांटा जा रहा है. देश को कमजोर किया जा रहा है. एक भाई को दूसरे भाई से लड़ाया जा रहा है. एक भाई दूसरे भाई को डरा रहा है. कमजोर लोगों को मारा जा रहा है और पूरी की पूरी सरकार दो-तीन लोगों के लिए चल रही है.

तीन कृषि बिल किसानों को खत्म करने के लिए बनाए गए थे. लेकिन पूरे देश के किसान एक साथ खड़े हुए और वह पीछे नहीं हटे. एक साल बाद प्रधानमंत्री ने हाथ जोड़कर कहा कि गलती हो गई और मैं माफी मांगता हूं. लेकिन, आंदोलन के दौरान जो 700 किसान शहीद हुए, किसानों के बारे में बीजेपी के सांसद बोलते हैं कि कोई भी शहीद नहीं हुआ. एक भी किसान की मृत्यु नहीं हुई. पंजाब की सरकार ने 400 किसानों को मुआवजा दिया. मैंने पार्लियामेंट में पूरी लिस्ट दिखाई थी.

उत्तराखंड से पलायन होता है, क्योंकि उत्तराखंड में रोजगार नहीं मिलता है. रोजगार क्यों नहीं मिलता, यह बड़ा सवाल है. इसका कारण यह है कि जो उद्योगों को मोदी सरकार खत्म करने पर तुली हुई है. नोटबंदी और जीएसटी बीजेपी और पूंजीपतियों के हथियार हैं. जब तक बीजेपी की सरकार नहीं हटती, तब तक देश में युवाओं को रोजगार नहीं मिल सकता. भले कुछ भी हो जाए पेट्रोल और डीजल का दाम बढ़ता जाएगा. छोटे दुकानदार और दुकानें बंद होती जाएंगी. एयरपोर्ट, बंदरगाह और बाकी इन्फ्राट्रक्चर कुछ चुने उद्योगपतियों के हाथों में चला जाएगा और आप लिख कर ले लो यह देश अपने युवाओं को रोजगार नहीं दे पाएगा.

गंगा में बहुत लोगों ने स्नान किया. लेकिन ऐसा दिखाया गया कि आज तक किसी और ने गंगा स्नान किया ही नहीं

पीएम मोदी के काशी दौरे को लेकर राहुल गांधी ने कहा कि गंगा में बहुत लोगों ने स्नान किया. लेकिन ऐसा दिखाया गया कि आज तक किसी और ने गंगा स्नान किया ही नहीं. योगी को गंगा स्नान की इजाजत नहीं दी गई. राजनाथ सिंह को दूर कर दिया जाता है.

उत्तराखंड विधानसभा चुनाव 2022 से पहले कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी देहरादून पहुंचे. जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल और नेता प्रतिपक्ष प्रीतम सिंह ने उनका स्वागत किया.

नेता विपक्ष प्रीतम सिंह ने दावा किया कि रैली में पचास हजार से अधिक की भीड़ उपस्थित रही। कांग्रेस पचास हजार से ज्यादा लोगों की भीड़ जुटने का दावा कर रही थी और गुरुवार को आयोजित इस रैली में अच्छी भीड़ भी दिखाई दी।

राहुल की इस रैली को पीएम मोदी की रैली के जवाब के तौर पर देखा जा रहा है.

उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव से पहले राहुल का यह पहला दौरा है. राहुल की इस रैली को पीएम मोदी की रैली के जवाब के तौर पर देखा जा रहा है. कांग्रेस ने यह रैली बांग्लादेश निर्माण के युद्ध में भारत की पाकिस्तान पर ऐतिहासिक विजय की 50वीं वर्षगांठ पर आयोजित की है, जिसमें पूर्व सैनिकों और शहीद सैनिकों के परिजनों को प्रियदर्शनी सैन्य सम्मान देकर सम्मानित करने का प्लान बनाया गया है. इससे साफ जाहिर है कि कांग्रेस की नजर उत्तराखंड के सैन्य परिवार के वोटों पर है उत्तराखंड की सियासत में सैन्य वोटर हमेशा से ही महत्वपूर्ण भूमिका अदा करते रहे हैं. प्रदेश में तकरीबन हर परिवार से एक व्यक्ति सेना में हैं. प्रदेश में सैनिक, पूर्व सैनिक व वीर नारियों की संख्या लगभग 2.67 लाख हैं, जो कुल वोटरों का तकरीबन तीन फीसदी है. इसमें यदि इनके परिवारों को जोड़ दिया जाए जो यह कुल वोटरों की संख्या का 12 फीसदी के करीब होता है

सूबे में सैनिक और उनके परिवार के मतदाता चुनावी समीकरण बनाने और बिगाड़ने की ताकत रखते हैं, जिसे साधने और अपने पाले में लाने की कोशिश में तमाम दल जुट गए हैं. बीजेपी ने जहां प्रदेश में शहीद सम्मान यात्रा के समापन पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को लाकर सैन्य वोटरों को अपनी ओर आकर्षित करने की कोशिश की है

 

 

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