हरिद्वार ग्रामीण विधानसभा सीट पर चुनाव लड़ने के लिए लगभग 10 संभावित प्रत्याशियों के नाम सामने आए जिनमें एक पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत की बेटी अनुपमा रावत का नाम भी सामने आया रहा है। मुस्लिम वोट पर राजनीति
आपको बता दें 2017 में बीजेपी के वर्तमान मंत्री व विधायक स्वामी यतीश्वरानंद के सामने पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने चुनाव लड़ा था जो हार गए थे जिसका सीधा सीधा कारण स्थानीय को टिकट ना मिलना बताया जा रहा था आज फिर 2022 का चुनाव सामने जिसमें वर्तमान मंत्री व विधायक स्वामी यतिस्वरानंद भारतीय जनता पार्टी से चुनाव लड़ रहे हैं अगर उनके सामने हरीश रावत की बेटी अनुपमा रावत आती है तो फिर हरिद्वार ग्रामीण की जनता उनको हार का मुंह दिखा सकती है इसका भी यही कारण रहेगा कि स्थानीय को टिकट ना मिलना जबकि 9 स्थानीय बताए जा रहे हैं अगर उनमें से किसी को टिकट नहीं मिलता है तो कहीं ना कहीं पार्टी के अंदर गुटबाजी वे नाराजगी सामने आएगी जिसका कांग्रेस प्रत्याशी को नुकसान भुगतना पड़ सकता है।
वही ग्रामीण जिलाध्यक्ष धर्मपाल सिंह ने बताया कि मुझे राष्ट्रीय महासचिव महिला कोंग्रेस अनुपमा रावत के द्वारा हरिद्वार ग्रामीण से चुनाव लड़ने लिए दावेदारी की है। उन्होंने यह भी बताया कि पार्टी जिसे भी टिकिट देगी वहीं चुनाव लड़ेगा और उसी के पक्ष में सब लोग वोट देकर जिताने का काम करेंगे।
