एसएसपी हरिद्वार प्रमेन्द्र सिंह डोभाल की टीम ने ₹25000 के ईनामी आरोपी अभियुक्त को हरिद्वार पुलिस ने दिल्ली से किया गिरफ़्तार।
रिलायंस सैटअप बॉक्स का डिस्ट्रीब्यूटर बनाने के नाम पर करोड़ों की ठगी का है मामला
प्रकरण का मास्टर माइंड है आरोपी, पीड़ित से की थी 03 करोड़ से अधिक की ठगी
बहादराबाद क्षेत्रांतर्गत प्रतिष्ठित व्यापारी अमित सैनी संचालक छोटू महाराज द्वारा थाना बहादराबाद पर अभियुक्तगण अश्वनी चौबे निवासी पटना बिहार, कुमार प्रसून निवासी ठाणे महाराष्ट्र, तरनजीत सिंह निवासी पथरी हरिद्वार व प्रशांत संगल निवासी देहरादून आदि के विरुद्ध रिलायंस सैटअप बॉक्स का डिस्ट्रीब्यूटर बनाने के नाम पर 03 करोड़ 20 लाख की धोखाधड़ी व गबन करने के सम्बन्ध में मुकदमा अपराध दर्ज कराया गया था।
अभियुक्त कुमार प्रसून जो पूरी घटना का मास्टरमाइंड था 2021 से लगातार फरार चल रहा था जिसके विरुद्ध न्यायालय द्वारा वर्ष 2022 में गिरफ्तारी वारंट भी जारी किया गया था। आरोपी शातिर किस्म का है जो गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार ठिकाने बदल रहा था जिसकी गिरफ्तारी हेतु एसएसपी हरिद्वार द्वारा ₹25000 का ईनाम घोषित किया गया था।
एसएसपी हरिद्वार निर्देशित क्रम में बहादराबाद पुलिस द्वारा गहन आरोपी कुमार प्रसून को एम्स दिल्ली के पास से किया गिरफ्तार।आरोपी ने खुद को रिलायंस कंपनी का टेक्निकल हैड बताकर साथी अश्वनी चौबे आदि के साथ मिलकर वादी मुकदमा अमित सैनी को उत्तराखंड का रिलायंस कंपनी के सेटअप बॉक्स का डिस्ट्रीब्यूटर बनने का झांसा देकर धोखाधड़ी से उनसे 3 करोड़ 20 लाख की धनराशि हड़प ली और रिलायंस सेटअप बॉक्स का हेडक्वार्टर बनाने के लिए बिल्डिंग का निर्माण भी कराया था। धनराशि मिलने पर आरोपी फरार हो गए थे।
गिरफ्तार ईनामी अभियुक्त
1- कुमार प्रसून पुत्र स्व0 भुवनेश्वर प्रसाद निवासी A/204, एन जी विकास, सी एच एस लिमिटेड, बेवर्ली पार्क, कनकिया रोड, मीरा रोड पूर्वी, ठाणे महाराष्ट्र
पुलिस टीम
नरेश सिंह राठौड़ थानाध्यक्ष बहादराबाद,खेमेंद्र गंगवार प्रभारी चौकी शांतरशाह, हे0का0 नरविंद्र सिंह,का0 बलवंत सिंह,का 0 मुकेश राणा
एसएसपी हरिद्वार प्रमेन्द्र सिंह डोभाल की टीम ने ₹25000 के ईनामी आरोपी अभियुक्त को हरिद्वार पुलिस ने दिल्ली से किया गिरफ़्तार। रिलायंस सैटअप बॉक्स का डिस्ट्रीब्यूटर बनाने के नाम पर करोड़ों की ठगी का है मामला प्रकरण का मास्टर माइंड है आरोपी, पीड़ित से की थी 03 करोड़ से अधिक की ठगी

