बहादराबाद (हरिद्वार): क्षेत्र पंचायत की बैठक वर्ष में कम से कम चार बार आयोजित किया जाना नियमानुसार अनिवार्य है, लेकिन बहादराबाद ब्लॉक में अब तक केवल एक ही बैठक आयोजित होने से विकास कार्यों पर प्रश्नचिह्न खड़े हो गए हैं।

बहादराबाद ब्लॉक में क्षेत्र पंचायत बैठकों की अनदेखी, साल में केवल एक बैठक से विकास कार्य प्रभावित

बहादराबाद (हरिद्वार): क्षेत्र पंचायत की बैठक वर्ष में कम से कम चार बार आयोजित किया जाना नियमानुसार अनिवार्य है, लेकिन बहादराबाद ब्लॉक में अब तक केवल एक ही बैठक आयोजित होने से विकास कार्यों पर प्रश्नचिह्न खड़े हो गए हैं।

क्षेत्र पंचायत सदस्य नियमित बैठकें न होने के कारण वे अपने-अपने क्षेत्रों की समस्याएं और विकास से जुड़े प्रस्ताव सामने नहीं रख पा रहे हैं। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में आवश्यक योजनाओं के क्रियान्वयन में देरी हो रही है और कई महत्वपूर्ण मुद्दे लंबित पड़े हैं।

यदि समय-समय पर बैठकें आयोजित हों तो क्षेत्र की मूलभूत समस्याओं जैसे सड़क, पेयजल, स्वास्थ्य और शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर प्रभावी निर्णय लिए जा सकते हैं। लेकिन वर्तमान स्थिति में विकास कार्यों की गति धीमी पड़ गई है।

इस मामले में प्रशासनिक स्तर पर लापरवाही या समन्वय की कमी को लेकर सवाल उठ रहे हैं। नियमानुसार बैठक बुलाने की जिम्मेदारी ब्लॉक प्रमुख और खंड विकास अधिकारी (BDO) की होती है, ऐसे में अब यह देखना होगा कि इस गंभीर मुद्दे पर संबंधित अधिकारी क्या कदम उठाते हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You May Have Missed!

0 Minutes
Uncategorized
2027 विधानसभा निर्वाचन को सफलतापूर्वक संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन ने तेज की तैयारियां। जिला निर्वाचन अधिकारी एवं जिलाधिकारी ने उपजिलाधिकारियों तथा खंड विकास अधिकारियों के साथ बैठक कर निर्वाचन संबंधी तैयारियों की समीक्षा
0 Minutes
Uncategorized
लालजीवाला पार्किंग में बसों पर बड़ी कार्रवाई 20 बसों के चालान, 3 सीज; 10 की फिटनेस निरस्तीकरण की संस्तुति जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देश पर परिवहन विभाग एवं यातायात पुलिस का संयुक्त अभियान,जारी
0 Minutes
Uncategorized
खानपुर विधानसभा के लिए ऐतिहासिक सौगात ₹130 करोड़ के तटबंधों को स्वीकृति!
0 Minutes
Uncategorized
हरिद्वार ग्रामीण से मंडल महामंत्री श्रवण कुमार बहुत जल्द दें सकते हैं अपने पद से इस्तीफा। इस्तीफा देने का कारण भ्रष्टाचारी कार्यकर्ताओं द्वारा किया जा रहा है शोषण।