हरिद्वार। यतीश्वरानन्द मंत्री, भाषा, पुनर्गठन, गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग तथा ग्राम्य विकास विभाग ने सोमवार को मेडिकल काॅलेज ग्राउण्ड, जगजीतपुर में 20 से 29 दिसम्बर,2021 तक जिला प्रशासन हरिद्वार द्वारा राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के सौजन्य से आयोजित ’’राष्ट्रीय सरस मेले’’ का दीप प्रज्ज्वलित एवं फीता काटकर उद्घाटन किया।
कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुये ग्राम्य विकास मंत्री यतीश्वरानन्द ने कहा कि राष्ट्रीय सरस मेले का मुख्य उद्देश्य माताओं, बहनों तथा स्वयं सहायता समूहों को मजबूत करना है। उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूहों आदि का ज्यादा से ज्यादा व्यापार कैसे बढ़े, इन्हें गांव के अन्दर ही रोजगार कैसे मिले तथा रोजगार के लिये इन्हें दूर न जाना पड़े, इसके लिये हमारी सरकार, इन्हें स्वावलम्बी बनाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि हम निरन्तर प्रयत्नशील है कि गांवों में निवेश व पूंजी का प्रवाह बढ़े ताकि स्वयं सहायता समूह आत्म निर्भर तथा मजबूत बनें।
ओर कहा कि हमारी सरकार ने स्वयं सहायता समूहों को 118 करोड़ रूपये की धनराशि देने का काम किया है। उन्होंने कहा कि जो स्वयं सहायता समूह अपने कारोबार को बढ़ाने के लिये एक लाख से लेकर पांच लाख तक का ऋण लेना चाहते हैं, उन्हें हमारी सरकार ब्याज मुक्त ऋण मुहैया करा रही है।
ग्राम्य विकास मंत्री ने कहा कि स्वयं सहायता समूहों से जुड़ने के लिये महिलाओं में निरन्तर जागरूकता बढ़ रही है। इसी का परिणाम है कि आज पूरे प्रदेश में पौने तीन लाख महिलायें ग्राम कलस्टरों से जुड़ी हुई हैं। उन्होंने कहा कि आज आवश्यकता इस बात की है कि इनके उत्पाद की बिक्री बढ़ाने के लिये इनके उत्पाद को कम्पनी से जोड़ा जाय ताकि इन स्वयं सहायता समूहों को अधिक से अधिक रोजगार मिल सके। उन्होंने कहा कि आने वाला समय स्वयं सहायता समूहों का है। उन्होंने कहा कि भविष्य में आपके उत्पादों की अधिक से अधिक मांग हो, इस तरह का कार्य हमारी सरकार कर रही है। उन्होंने कहा कि जल्द ही हम एक शासनादेश जारी करने वाले हैं, जिसके माध्यम से सरकारी कार्यालयों में भी आपके उत्पादों की खरीदारी की जायेगी।
यतीश्वरानन्द ने लोगों से अपील की कि स्वयं सहायता समूहों द्वारा लगाये गये स्टाॅलों में सभी प्रकार के उत्पाद मौजूद हैं तथा इनके उत्पादों की गुणवत्ता कम्पनियों द्वारा बनाये गये उत्पादों से भी बेहतर है। इसलिये अधिक से अधिक लोग इनकें स्टालों से गुणवत्तायुक्त व जैविक उत्पाद खरीदें। उन्होंने कहा कि हमारे गांव मजबूत होंगे, तो देश मजबूत होगा। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार जिस तरह की अवस्थापना सुविधायें शहरों में होती है, उसी तरह की अवस्थापना सुविधायें गांवों में भी देने का प्रयास कर रही है।
कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुये मुख्य विकास अधिकारी डाॅ0 सौरभ गहरवार ने बताया कि इस मेले में उत्तराखण्ड राज्य सहित अन्य आठ राज्यों के डे-एनआरएलएम योजनान्तर्गत गठित स्वयं सहायता समूहों द्वारा उत्पादित सामग्री के प्रदर्शन एवं विपणन हेतु प्रतिभाग किया जा रहा है। उन्होंने ये भी बताया कि राष्ट्रीय सरस मेले में कुल 148 स्टाल लगाये गये हैं, जिनमें से 73 स्टाल हरिद्वार जनपद के स्वयं सहायता समूहों द्वारा लगाये गये हैं तथा अन्य प्रदेशों- गुजरात, पश्चिम बंगाल, पंजाब, सिक्किम, झारखण्ड, मध्य प्रदेश, राजस्थान, उत्तर प्रदेश द्वारा 21 स्टाल लगाये गये।इस अवसर पर शेषराज सैनी, मिथलेश शर्मा, अमित, विवेक, राजेश, कर्ण सिंह, सत कुमार, नरेश आदि उपस्थित रहे।
