गंगा से खनिज सामग्री उठाने के विरोध में मातृ सदन ब्रह्मचारी दयानंद सरस्वती संत का आमरण अनशन दूसरे दिन भी रहा जारी।
इस अनशन की प्रमुख मांगों में से एक है कि सभी संबंधित अधिकारियों और मंत्रियों, की संपत्ति की जांच की जाए जो इस अवैध गतिविधि में संलिप्त हैं।
उत्तराखंड राज्य के मंत्रियों और अधिकारियों पर ED जांच होने की बात कही जो माफियाओं का समर्थन कर केवल उन्हें फायदा पहुंचाने का कार्य कर रहे हैं।
यदि अन्य राज्यों के राजनेताओं को सरकारी टेंडर में बिडर्स को अवैध रूप से मदद करने के आरोप में जेल भेजा जा सकता है,साथ ही यह भी कहा है कि उच्च न्यायालय के आदेशों की अवमानना भी हो रही है जब की जिला प्रशासन ड्रेजिंग नीति के तहत खनिज सामग्री उठाने की बात कह रहा है जो खनन की श्रेणी में नहीं आता है हाई कोर्ट के आदेश पर यह किया जा रहा है
मातृ सदन अगले सप्ताह अनुशासनात्मक कार्यवाही के तहत अवमानना याचिका (Article 215) दाखिल करेगी, ताकि उन अधिकारियों के खिलाफ अवमानना कार्यवाही की जा सके, जिन्होंने कोर्ट के आदेशों का उल्लंघन किया है।
गंगा की सुरक्षा के लिए ब्रह्मचारी दयानंद के निरंतर अनशन को समर्थन प्राप्त हो रहा है और जबतक दोषियों पर कार्यवाही नहीं होती, तबतक अनशन जारी रहेगा।
गंगा से खनिज सामग्री उठाने के विरोध में मातृ सदन ब्रह्मचारी दयानंद सरस्वती संत का आमरण अनशन दूसरे दिन भी रहा जारी। इस अनशन की प्रमुख मांगों में से एक है कि सभी संबंधित अधिकारियों और मंत्रियों, की संपत्ति की जांच की जाए जो इस अवैध गतिविधि में संलिप्त हैं। उत्तराखंड राज्य के मंत्रियों और अधिकारियों पर ED जांच होने की बात कही जो माफियाओं का समर्थन कर केवल उन्हें फायदा पहुंचाने का कार्य कर रहे हैं।
