बहादराबाद में जिला स्तरीय आयुर्वेद चिकित्सा शिविर के द्वितीय दिवस 150 से अधिक मरीजों ने लिया लाभ।

बहादराबाद में जिला स्तरीय आयुर्वेद चिकित्सा शिविर के द्वितीय दिवस 150 से अधिक मरीजों ने लिया लाभ।

आयुर्वेद विभाग हरिद्वार द्वारा आयुर्वेद उत्कर्ष केंद्र, बहादराबाद में आयोजित त्रिदिवसीय जिला स्तरीय आयुर्वेद चिकित्सा शिविर के द्वितीय दिवस भी बड़ी संख्या में मरीजों ने स्वास्थ्य लाभ प्राप्त किया। शिविर में विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा विभिन्न आयुर्वेदिक उपचार पद्धतियों के माध्यम से रोगियों का परीक्षण, परामर्श एवं उपचार किया गया।

शिविर में डॉ. विशाल प्रभाकर (प्रभारी चिकित्साधिकारी), डॉ. सोरमी सोमकर (एम.एस., शल्य चिकित्सक), डॉ. विजेंद्र कुशवाह (क्षारसूत्र विशेषज्ञ), डॉ. विकास दुबे (पंचकर्म विशेषज्ञ) तथा डॉ. संजय कुमार द्वारा सेवाएं प्रदान की गईं। पंचकर्म, अग्निकर्म, जलौकावचारण एवं क्षारसूत्र चिकित्सा के माध्यम से विभिन्न रोगों का उपचार किया गया।

विशेष रूप से डॉ. विकास दुबे द्वारा Varicose Veins एवं Plantar Psoriasis से पीड़ित रोगियों का सिरावेध एवं रक्तमोक्षण चिकित्सा के माध्यम से उपचार किया गया।

डॉ. विशाल प्रभाकर ने कहा कि आयुर्वेद चिकित्सा केवल रोगों के उपचार तक सीमित नहीं है, बल्कि यह शरीर, मन और जीवनशैली के समग्र संतुलन का विज्ञान है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के शिविर समाज में स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने में अत्यंत उपयोगी हैं।

डॉ. विकास दुबे ने बताया कि पंचकर्म एवं रक्तमोक्षण जैसी उपचार पद्धतियां पुराने एवं जटिल रोगों में अत्यधिक प्रभावी सिद्ध हो रही हैं। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद रोग के मूल कारणों को समाप्त कर स्थायी समाधान प्रदान करता है।

शिविर में औषधि वितरण का कार्य मुख्य फार्मेसी अधिकारी कैलाश भट्ट एवं फार्मेसी अधिकारी शशि कला द्वारा किया गया। वहीं हीमोग्लोबिन, रक्त शर्करा, रक्तचाप एवं ईसीजी जांच की सुविधा श्रीमती शीतल एवं कु. कंचना (आयुर्वेदिक परिचारिका) द्वारा उपलब्ध कराई गई।

इसके अतिरिक्त योग अनुदेशक श्रीमती नीतू चौहान एवं क्षितिज पाठक द्वारा रोगियों को योगाभ्यास कराया गया तथा निरोग जीवन के लिए योग अपनाने का संदेश दिया गया।

शिविर के सफल संचालन में श्री गोविंद, श्री सतीश एवं श्री रघुवीर का विशेष सहयोग रहा। द्वितीय दिवस शिविर में कुल 150 से अधिक रोगियों ने स्वास्थ्य लाभ प्राप्त किया।

मीडिया प्रभारी एवं आयुष मिशन विशेषज्ञ डॉ. अवनीश कुमार उपाध्याय ने बताया कि आयुष विभाग का उद्देश्य आयुर्वेद एवं योग को जन-जन तक पहुंचाकर स्वास्थ्य सेवाओं को सुलभ बनाना है। ऐसे शिविरों के माध्यम से ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में आयुर्वेद के प्रति जागरूकता और विश्वास लगातार बढ़ रहा है।

 जिला आयुर्वेद एवं यूनानी अधिकारी डॉ. स्वास्तिक सुरेश ने कहा कि उत्तराखंड सरकार एवं आयुष विभाग का लक्ष्य जनसामान्य को सुलभ, किफायती एवं प्रभावी स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद की प्राचीन चिकित्सा पद्धति आज भी आधुनिक जीवनशैली जनित रोगों के समाधान में अत्यंत कारगर सिद्ध हो रही है। उन्होंने अधिकाधिक लोगों से शिविर के अंतिम दिवस 01 जुलाई को पहुंचकर स्वास्थ्य लाभ लेने की अपील की।

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